नशा मुक्त प्रतिज्ञा महाअभियान कार्यक्रम का आ
स्वस्थ, सुरक्षित और संस्कारवान समाज का निर्माण करने के लिए नशों से दूर रहें
रमेश प्रसाद यादव शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में गुरुवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में 'दस करोड़ नशा मुक्त प्रतिज्ञा महाअभियान' के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि बीके जूली एवं बीके गायत्री का स्वागत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. लक्ष्मी सरकार ने पौधा भेंटकर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिस्टर बी.के. जूली ने प्रशिक्षुओं को पीपीटी के माध्यम से नशों के दुष्प्रभाव एवं इससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि लोग केवल शराब, सिगरेट और गुटखा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज के समय में मोबाइल की लत भी एक गंभीर नशा बन चुकी है। सोशल मीडिया का अनियंत्रित उपयोग लोगों को अपने नियंत्रण में ले रहा है, जिससे समय, ऊर्जा और मानसिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने प्रशिक्षुओं से नशामुक्त जीवन अपनाने और समाज को जागरूक करने की अपील की। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशामुक्त रहने का संकल्प लें और अपने गांव, मोहल्ले तथा समाज में भी लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें, ताकि स्वस्थ, सुरक्षित और संस्कारवान समाज का निर्माण हो सके। वहीं बी.के. गायत्री ने कहा कि, जूली ने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर कर देता है और धीरे-धीरे उसके शरीर, मन तथा परिवार पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
किसी भी प्रकार की लत इंसान की स्वतंत्रता छीन लेती है। वहीं प्राचार्य डॉ. लक्ष्मी सरकार ने कहा कि, हम नशों से दूर रहकर अपने शिक्षा, शिक्षा और संस्कारों पर ध्यान देना चाहिए। आत्मिक जागरूकता, सकारात्मक सोच और नियमित योग-ध्यान के माध्यम से किसी भी बुरी आदत पर विजय पाई जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।