तीन दिवसीय स्पेशल लेक्चर सीरीज का आयोजन
तीन दिवसीय स्पेशल लेक्चर सीरीज का आयोजन
कोडरमा। रमेश प्रसाद यादव शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में दिनांक 31.01.2026 दिन शनिवार को महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वाशन प्रकोष्ठ के तत्वधान में तीन दिवसीय स्पेशल लेक्चर सिरीज के आयोजन के अंतिम दिन का विषय "आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लाभ एवं चुनौतियां" था। इस मौके पर एमिनेंट स्पीकर के रूप में डॉ. दीपक कुमार, प्राचार्य, कैंब्रिज टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, लाराबाद, झुमरी तिलैया, मौजूद रहे। कार्यक्रम का विषय प्रवेश एवं स्वागत भाषण सहायक प्राध्यापक डॉ. संजीव कुमार ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमिनेंट स्पीकर डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि, आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि समाज, शिक्षा और अर्थव्यवस्था को दिशा देने वाला सशक्त माध्यम बन चुका है। शिक्षा के क्षेत्र में एआई ने शिक्षण को अधिक व्यक्तिगत, प्रभावी और सुलभ बनाया है। स्मार्ट लर्निंग प्लेटफॉर्म, स्वचालित मूल्यांकन, रिसर्च में डेटा विश्लेषण और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता एआई की प्रमुख उपलब्धियाँ हैं।
हालाँकि, एआई के साथ कई गंभीर चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं। सबसे बड़ी चुनौती है रोजगार में परिवर्तन, जहाँ स्वचालन के कारण पारंपरिक नौकरियाँ प्रभावित हो रही हैं। इसके अतिरिक्त डेटा की गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, एल्गोरिदमिक पक्षपात, और तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता सामाजिक असंतुलन पैदा कर सकती है। नैतिक मूल्यों की अनदेखी और मानवीय संवेदनाओं की कमी एआई के दुरुपयोग की आशंका को बढ़ाती है। अतः आवश्यकता इस बात की है कि हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नियंत्रित, नैतिक और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ अपनाएँ।
वहीं प्राचार्य डॉ. लक्ष्मी सरकार ने कहा कि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव के लिए एक अवसर है, यदि इसका उपयोग विवेक और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। शिक्षण संस्थानों और शिक्षकों की भूमिका यहाँ अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें विद्यार्थियों को केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी और आलोचनात्मक सोच भी सिखानी होगी। अगर हम मोबाइल और कंप्यूटर पर बहुत ज्यादा निर्भर हो जाएँ, तो हमारा दिमाग कम काम करेगा। ज्यादा तकनीक इस्तेमाल करने से खेल-कूद और आपसी बातचीत कम हो सकती है। इसके अलावा हमें अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखना भी बहुत जरूरी है।
कार्यक्रम का मंच संचालन प्रशिक्षु रानी कुमारी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक मो. सेराज ने किया।